ब्यूरो रिपोर्ट -अमन वर्मा

गोंडा। जनपद में बीते दिनों हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से एक अधिवक्ता की दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। वहीं लापरवाही बरतने के आरोप में विद्युत विभाग के 5 अधिकारियों के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
घटना बीते सप्ताह की है। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के पास अचानक हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। उसी दौरान बाइक से गुजर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया था।
परिजनों की तहरीर पर कार्रवाई
मृतक के परिजनों ने विद्युत विभाग की घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। आरोप है कि जर्जर तारों की शिकायत कई बार की गई, पर मरम्मत नहीं कराई गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने जेई, एसडीओ समेत 5 अधिकारियों के विरुद्ध लापरवाही से मौत का मुकदमा दर्ज किया है।
जांच में जुटी टीम
विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने गुरुवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने टूटे तार के नमूने लिए और लाइन के रखरखाव से जुड़े दस्तावेज खंगाले। प्रारंभिक जांच में मेंटेनेंस में लापरवाही के संकेत मिले हैं। निदेशालय के अधिकारी ने बताया कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं अधिवक्ता संघ ने दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग की है।
