
गोंडा/छपिया। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) उमेश भारती को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, जन्म प्रमाण पत्र की रिपोर्ट लगाने के नाम पर सचिव उमेश भारती द्वारा शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की अवैध मांग की गई थी। बार-बार चक्कर लगाने और काम न होने से परेशान पीड़ित ने आखिरकार एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर पूरी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता ने सचिव को रिश्वत की रकम सौंपी और जैसे ही उमेश भारती ने पैसे हाथ में लिए, पहले से निगरानी कर रही एंटी करप्शन टीम ने मौके पर ही उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौजूद लोगों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। आरोपी सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता मोहम्मद अजमल ने जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित रिपोर्ट के लिए रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। इसके बाद एंटी करप्शन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के इस मामले का खुलासा कर दिया।
इस कार्रवाई के बाद आम जनता में संतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होती रही, तो सरकारी तंत्र में पारदर्शिता आएगी और रिश्वतखोरी पर प्रभावी रोक लगेगी।
ग्रामोदय टाइम्स विशेष
“रिश्वतखोरी पर करारा वार — एंटी करप्शन का सीधा प्रहार”
