
ढढौवा/छपिया:पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार एक तरफ वृक्षारोपण पर करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जाता है कि चोरी-छिपे या रसूख के दम पर पेड़ों का कटान किया जाता है। ग्रामोदय टाइम्स आज अपने पाठकों को जागरूक कर रहा है कि यदि आपके आसपास कोई पेड़ काट रहा है, तो आप उसकी वैधता की जांच कैसे करें।
कैसे पता करें कि कटान वैध है या अवैध?
पेड़ काटने से पहले वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। यदि आपके क्षेत्र में कटान हो रहा है, तो आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं:परमिट की मांग: नियमतः ठेकेदार या भूस्वामी के पास वन विभाग द्वारा जारी ‘वृक्ष पातन अनुमति पत्र’ होना अनिवार्य है। आप मौके पर इसकी मांग कर सकते हैं।
लेखपाल से संपर्क: निजी भूमि पर लगे पेड़ों के कटान के लिए लेखपाल की रिपोर्ट मुख्य आधार होती है। आप अपने क्षेत्रीय लेखपाल से पुष्टि कर सकते हैं कि क्या संबंधित गाटा संख्या के लिए अनुमति ली गई है।प्रतिबंधित प्रजातियां: ध्यान दें कि नीम, महुआ, आम, साल और सागौन जैसे पेड़ों को काटने के लिए नियम अत्यंत कड़े हैं। बिना विशेष अनुमति के इनका कटान पूरी तरह प्रतिबंधित है।अवैध कटान दिखने पर यहाँ करें शिकायतयदि आपको लगता है कि पेड़ अवैध रूप से काटे जा रहे हैं, तो एक जागरूक नागरिक के तौर पर आप चुप न बैठें:वन विभाग को सूचना: तुरंत अपने क्षेत्र के वन दरोगा या वन क्षेत्राधिकारी (RFO) को सूचित करें।
हेल्पलाइन नंबर: उत्तर प्रदेश सरकार के शिकायत पोर्टल IGRS (1076) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।पुलिस की मदद: अवैध कटान की सूचना स्थानीय पुलिस थाने में भी दी जा सकती है।ग्रामोदय टाइम्स की अपीलपेड़ हमारे फेफड़े हैं। ग्राम पंचायत ढढौवा को ‘डिजिटल’ बनाने के साथ-साथ हमें इसे ‘हरा-भरा’ भी बनाए रखना है। यदि आपको कहीं भी पर्यावरण को नुकसान पहुँचता दिखे, तो उसकी सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को अवश्य दें।
ब्यूरो रिपोर्ट: ग्रामोदय टाइम्स
