लखनऊ (ग्रामोदय टाइम्स ब्यूरो): उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर योगी सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग’ के गठन को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों की राजनीति और सामाजिक न्याय के लिहाज से सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
पंचायत चुनाव और ग्रामीण विकास से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- आरक्षण का नया आधार: यह समर्पित आयोग त्रिस्तरीय पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का गहन अध्ययन करेगा।
- तय होगी आरक्षण की सीमा: आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की नई सीमाएं और वार्डों का निर्धारण तय किया जाएगा।
- चुनाव का रास्ता साफ: इस फैसले के बाद राज्य में समय पर और पारदर्शी तरीके से पंचायत चुनाव कराने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
- ग्रामीण प्रतिनिधित्व मजबूत: सरकार के इस कदम से गांवों के जमीनी स्तर पर ओबीसी समाज को सटीक और नियम सम्मत प्रतिनिधित्व मिलना तय हुआ है।
अन्य प्रमुख फैसले एक नजर में:
पंचायत चुनाव के इस बड़े फैसले के साथ ही कैबिनेट ने राजधानी लखनऊ में ₹5,801 करोड़ की लागत से चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो विस्तार (फेज-1बी) को मंजूरी दी है। इसके अलावा, लोकतंत्र सेनानियों को मुफ्त कैशलेस इलाज, लोहिया संस्थान में 1,000 बेड का नया मिनी सेंटर और पशु चिकित्सा के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता ₹4,000 से बढ़ाकर ₹12,000 करने के प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई है।
