
श्रावस्ती (ग्रामोदय टाइम्स)। जनपद के विकास खंड इकौना के ग्राम पंचायत खरगौरा बस्ती में ‘लहेरी पुरवा’ तालाब के जीर्णोद्धार का मामला सरकारी फाइलों और जमीनी हकीकत के बीच झूल रहा है। एक तरफ प्रशासन ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत को ‘निस्तारित’ दिखा दिया है, वहीं दूसरी ओर मौके पर अभी तक ईंट भी नहीं रखी गई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत खरगौरा बस्ती निवासी अरुण कुमार पुत्र हीरालाल ने जनसुनवाई पोर्टल (संदर्भ संख्या: 92618100002621) के माध्यम से गांव के लगभग 1 एकड़ में फैले ‘लहेरी पुरवा’ तालाब के सुंदरीकरण और खुदाई की मांग की थी। खंड विकास अधिकारी (BDO) इकौना द्वारा कराई गई जांच में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) श्री नानबाबू यादव ने भी माना था कि तालाब का जीर्णोद्धार कराया जाना आवश्यक है।
पोर्टल पर ‘निस्तारित’, पर काम शून्य
हैरानी की बात यह है कि विभाग द्वारा शिकायतकर्ता को संदेश भेजकर अवगत करा दिया गया है कि प्राप्त फीडबैक के आधार पर उनकी शिकायत का निस्तारण कर दिया गया है। सरकारी आदेशों के अनुसार, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए गए थे कि इस कार्य को मनरेगा के तहत प्राथमिकता पर शुरू करें, लेकिन हफ्तों बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
ग्रामोदय टाइम्स की पड़ताल: क्या कहते हैं जिम्मेदार?
जब ‘ग्रामोदय टाइम्स’ के संवाददाता ने इस देरी के संबंध में संबंधित ग्राम पंचायत सचिव से बात की, तो उन्होंने आश्वासन देते हुए बताया:”तालाब के जीर्णोद्धार का मामला संज्ञान में है। जल्द ही इसे कार्ययोजना (Action Plan) में शामिल कर खुदाई और सुंदरीकरण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।”
ग्रामीणों में रोष :सरकारी तंत्र की इस कछुआ चाल से ग्रामीणों में निराशा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जांच में तालाब का जीर्णोद्धार आवश्यक पाया गया है और बजट मनरेगा से आवंटित होना है, तो फिर इस कार्य को लटकाया क्यों जा रहा है? अब देखना यह होगा कि सचिव का यह ‘जल्द’ वाला आश्वासन कब धरातल पर उतरता है।
