मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पतालों पर गंभीर लापरवाही का आरोप।

में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब (ITBP) का एक जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गया। जवान ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों की लापरवाही के कारण उसकी मां को अपना हाथ गंवाना पड़ा, लेकिन कई दिनों तक उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
मिली जानकारी के अनुसार जवान की मां को 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर अगले दिन उन्हें ले जाया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान हाथ में संक्रमण तेजी से फैलता गया और स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 17 मई को डॉक्टरों को महिला का हाथ काटना पड़ा।
पीड़ित जवान का कहना है कि वह 17 मई से लगातार थाने और अधिकारियों के चक्कर काट रहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से आहत जवान मंगलवार को अपनी मां का कटा हाथ लेकर सीधे कमिश्नर कार्यालय पहुंच गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए।
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और कथित मेडिकल लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग जांच में जुट गया है। दोनों अस्पतालों के इलाज संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है, वहीं कटे हुए हाथ का फोरेंसिक परीक्षण कराने की भी तैयारी की जा रही है।
उठ रहे बड़े सवाल
- क्या इलाज में लापरवाही हुई?
- संक्रमण बढ़ने के बावजूद समय पर उपचार क्यों नहीं मिला?
- आखिर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए इस हद तक क्यों जाना पड़ा?
ग्रामोदय टाइम्स की विशेष टिप्पणी
कानपुर की यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो यह केवल एक अस्पताल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय करने वाला मामला बन सकता है।
