गोंडा में गरजे मुख्यमंत्री योगी: पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कड़ी चेतावनी, 4,901 करोड़ की विकास योजनाओं की समीक्षा

गोंडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गोंडा पहुंचकर देवीपाटन एवं बस्ती मंडल के विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। कमिश्नर कार्यालय स्थित महाराजा सुहेलदेव सभागार में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
करीब डेढ़ घंटे तक चली समीक्षा बैठक में सड़कों, पुलों, संपर्क मार्गों और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्रवाई के बाद न्यायालय से स्टे लेकर कार्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री विशेष रूप से देवीपाटन मंडल के मुख्य अभियंता तथा गोंडा पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता के कार्यों से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराए जाएं।
4,901 करोड़ रुपये से होंगे 1,009 विकास कार्य
समीक्षा बैठक में बताया गया कि देवीपाटन एवं बस्ती मंडल में कुल 1,009 विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। इन योजनाओं पर लगभग 4,901.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मोबाइल फोन पर रहा प्रतिबंध
बैठक की गोपनीयता और सुरक्षा को देखते हुए किसी भी जनप्रतिनिधि अथवा अधिकारी को सभागार के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी को पहचान पत्र एवं अधिकृत पास दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया गया।
हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत
पुलिस लाइन हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत कैसरगंज से भाजपा सांसद ने किया। इस दौरान सांसद ने मुख्यमंत्री के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तथा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने उठाई अपनी मांगें
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान अधिवक्ताओं ने भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। नगर कोतवाली में अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों की वापसी, 70 वर्ष से अधिक आयु के अधिवक्ताओं को पेंशन तथा अन्य मांगों को लेकर अधिवक्ता कमिश्नरी परिसर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने “मुख्यमंत्री जिंदाबाद” और “अधिवक्ताओं की मांगें पूरी करो” के नारे लगाए। कुछ अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के विरोध में भी नारेबाजी की और बैठक स्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर धरने पर बैठ गए। स्थिति को संभालने के लिए डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
विकास में लापरवाही पर नहीं होगी कोई रियायत
मुख्यमंत्री के सख्त तेवरों से यह स्पष्ट संकेत मिला कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं करेगी। जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
— ग्रामोदय टाइम्स ब्यूरो, गोंडा
“गांव, गरीब और किसान की बुलंद आवाज़”
