
गोंडा/छपिया। थाना छपिया क्षेत्र के दीननगर (मसकनवा) निवासी एवं बभनान रेलवे स्टेशन के पीछे संचालित “लाला भोजनालय” के संचालक धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने उन्हें समय पर समुचित इलाज उपलब्ध नहीं कराया, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई।
पीड़ित के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उन्हें सीएचसी छपिया पहुंचाया। चिकित्सकों ने सिर में गंभीर चोट होने के कारण एक्स-रे एवं सीटी स्कैन के लिए गोंडा रेफर कर दिया। आरोप है कि गोंडा ले जाने के बाद केवल एक्स-रे कराया गया, लेकिन सीटी स्कैन नहीं कराया गया और अस्पताल में भर्ती भी नहीं कराया गया।
धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि गंभीर हालत के बावजूद पुलिस उन्हें पूरे दिन इधर-उधर घुमाने के बाद घर छोड़ गई। बाद में तबीयत लगातार बिगड़ने पर वह स्वयं राजकीय मेडिकल कॉलेज, गोंडा पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने सिर में टांके लगाए और अत्यधिक रक्तस्राव तथा गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जो पुलिसकर्मी उनके साथ अस्पताल आए थे, वे उन्हें अस्पताल में अकेला छोड़कर चले गए। साथ ही, उनका कहना है कि सीटी स्कैन का रेफरल/पर्चा भी पुलिस अपने साथ ले गई, जो अब तक वापस नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अभी भी विपक्षियों से अपनी जान का खतरा बना हुआ है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच, चिकित्सा संबंधी अभिलेख वापस दिलाने, उचित सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामोदय टाइम्स इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
रिपोर्ट: ग्रामोदय टाइम्स न्यूज डेस्क
स्थान: गोंडा, उत्तर प्रदेश
